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प्रार्थना आसन / Prayer Postures - बाइबिल में प्रार्थना करने के 14 तरीके - खड़े, घुटने, हाथ उठाकर, मुंह के बल, बैठकर, चलते हुए प्रार्थना

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‘‘दैनिक प्रार्थना मार्गदर्शिका प्रार्थना योद्धा से उद्धरित’’ आप किसी भी आसन में प्रार्थना करें! आपका हृदय परमेश्वर के साथ सिद्ध होना चाहिये। किसी आसन को आदत न बनाए। हर एक परिस्थिति में आत्मा में प्रार्थना करें। परिचय - शरीर बोलता है: परमेश्वर आत्मा और सच्चाई से आराधना चाहता है - पर शरीर का आसन दिल का भाव बताता है - हर आसन एक संदेश। बाइबिल में प्रार्थना सिर्फ शब्द नहीं, शरीर भी प्रार्थना करता है।   14 आसन - खड़े होकर (मरकुस 11:25), घुटने टेककर (प्रेरित 9:40), हाथ उठाकर (1 तीमु 2:8), औंधे मुंह गिरकर (मत्ती 26:39), झुककर (निर्गम 34:8), बैठकर (2 शमू 7:18), स्वर्ग की ओर देखकर (यूह 17:1), हाथ फैलाकर (निर्गम 9:29), घुटनों के बल गिरकर (लूका 22:41), भूमि पर मुंह (यहोशू 5:14), आराधना में हाथ उठाकर (भजन 134:2), छाती पीटकर (लूका 18:13), खिड़की पर (दानिय्येल 6:10), चलते हुए ध्यान (उत्पत्ति 24:63)। 1. Standing - खड़े होकर - मरकुस 11:25: "जब कभी तुम खड़े हुए प्रार्थना करते हो तो क्षमा करो" - मंदिर में खड़े होकर - विश्वास और क्षमा, 2. Kneeling - घुटने टेककर - प्रेरितों 9:40: पतरस ने घुटने ...

घरेलू कलीसिया और पाँच प्रकार की वरदानी सेवकाई - House Church और Fivefold Ministry एक साथ कैसे? प्रेरितों 2:46 + इफिसियों 4:11 का मॉडल

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परिचय - गलतफहमी: लोग सोचते हैं - घरेलू कलीसिया में सिर्फ पास्टर, और बड़ी कलीसिया में पांच सेवकाई। नहीं! पहली कलीसिया घरेलू थी और पांचों सेवकाई घूम घूम कर घरों में सेवकाई करती थी। उसने कुछ को प्रेरित, कुछ को नबी और कुछ को कलीसिया में रखवाले और कुछ को शिक्षक नियुक्त किया और उन्हें दायित्व सौंपा जिससे पवित्र लोग सिद्ध हो जांए और वे सेवा का काम करें जिससे मसीह की देह निर्मित होकर उन्नति पाए।  (इफिसियों 4ः 11-12) हमारी नये नियम की माता कलीसिया छोटे-छोटे घरों में प्रति दिन स्थापित होती जाती थीं, क्योंकि इसमें अनेक वरदानी सेवक होते थे जिससे इनकी गुणात्मक वृद्धि होती थी। (प्रेरितों के काम 6ः 7) एक नगर में प्रभु के नाम की कई मंडलियां होती थीं परन्तु वे सब उस नगर के नाम से जानी जाती थी।  जैसे कुरिन्थियों, गलातियों, रोम और प्रकाशितवाक्य की सात कलीसियाएं-सभी अपने शहर या क्षेत्र के नाम से जानी जाती थीं। कलीसिया का अटल सिद्धांत है कि  प्रत्येक अंग एक साथ मिलकर ठीक-ठीक कार्य करें जिससे सम्पूर्ण देह की उन्नति हो। एक नगर की स्थानीय कलीसियाओं में पूरी एकता होना अनिवार्य है  अन्यथ...

घरेलू कलीसिया और प्रभु भोज - प्रेरितों 2:46 घर-घर रोटी तोड़ते हुए - House Church में प्रभु भोज कैसे लें? बाइबिल का नमूना

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घरेलू कलीसिया और प्रभु भोज प्रेरितों 2:46 का जीवंत चित्र - पत्थर के घर के अंदर - लकड़ी की नीची मेज - उस पर टोकरी में तोड़ी हुई रोटियां - मिट्टी के प्याले, अंगूर का रस, जैतून - दीये की रोशनी - 8 लोग - पुरुष, महिलाएं, बूढ़े, बच्चा - एक भाई रोटी तोड़ रहा है - सब मुस्कुरा रहे हैं, प्याले हाथ में - प्रेम, आनंद, सादगी - पीछे लकड़ी के तख्ते पर लिखा "घरेलु कलीसिया • प्रभु भोज" और दीवार पर स्क्रॉल पर "प्रतिदिन एक मन होकर घर-घर रोटी तोड़ते हुए — Acts 2:46" - यही सच्ची कलीसिया - घर में, रोटी तोड़ते, यीशु को याद करते। प्रेरितों 2:46 - "वे प्रतिदिन एक मन होकर मन्दिर में इकट्ठे होते थे, और घर-घर रोटी तोड़ते हुए आनन्द और मन की सिधाई से भोजन किया करते थे"। प्रेरितों की कलीसिया घरेलू कलीसिया थी - मंदिर में बड़े समूह में, घरों में छोटे समूह में रोटी तोड़ना। प्रभु भोज रविवार का रस्म नहीं, घर का भोजन था - 1 कुरि 11:23-26। रोमियों 16:5 - प्रिस्का और अक्विला के घर की कलीसिया। परिचय - कलीसिया कहाँ थी? पहली 300 साल कलीसिया की कोई बिल्डिंग नहीं - सब घरों में - यरूशलेम के घर, फि...

THE AIM DO NOT INVENT A VISION, DISCOVER IT - Great Commission - कलीसिया की भूलने की बीमारी - GO not COME - Fishers of Men - Disciple Multipliers - Pews में सोने की खान

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DO NOT INVENT A VISION, DISCOVER IT The church suffers from severe amnesia when it comes to fulfilling her mission to complete the task of the Great Commission. Delinquent churches think that the people out there need to “come” to be churched. But, Yeshua commanded His Ekklesia to “go” and make disciples of all nations and send them to the ends of the earth as witnesses. Yeshua called us to follow Him and become “fishers of men.” Going and making disciples must supersede all the other activities of the Church. Though the demand for disciples is limitless, the evangelization of the world is bottlenecked because of severe shortfall of disciple multipliers. Tragically, this is not due to lack of resources but because the church is sitting on a colossal gold mine of untapped resources decaying in the pews. We do not need to reinvent the vision, just rediscover it and act. PAUL FOUGHT THE TRADITIONALISTS As Paul went on his missionary journeys, his enemies followed him everywhere pressurizi...

पांच प्रकार की वरदानी सेवकाई - इफिसियों 4:11 Fivefold Ministry - प्रेरित, भविष्यवक्ता, सुसमाचार प्रचारक, पास्टर, शिक्षक - 5 सेवकाई क्या है?

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प्रार्थना करने के बाइबिल में बताए गए 10 तरीके - प्रार्थना के 10 प्रकार - आराधना, धन्यवाद, पाप स्वीकृति, याचना, मध्यस्थता, युद्ध की प्रार्थना

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स्वस्थ कलीसिया के प्रमुख कार्य - प्रेरितों 2:42-47 स्वस्थ कलीसिया कैसी होती है? Purpose Driven Church

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प्रेरितों 2:42 - "वे प्रेरितों की शिक्षा, और संगति, और रोटी तोड़ने और प्रार्थना करने में लौलीन रहे"। स्वस्थ कलीसिया इमारत नहीं, कार्य हैं - आराधना, संगति, शिष्यत्व, सेवा, सुसमाचार प्रचार। ये 5 कार्य होंगे तो कलीसिया बीमार नहीं, स्वस्थ होगी - "प्रभु बचाए हुओं को प्रतिदिन उन में मिला देता था" - प्रेरितों 2:41-47। 1. प्रेरितीय शिक्षा: एक नहीं परन्तु पांच प्रकार के वरदानी सेवकों द्वारा प्रेरितीय शिक्षा देना, जिनका लक्ष्य ऐसे संतों को तैयार करना है, जो कि महान आदेश को पूरा कर सकें। (इफिसियों 4:12-13) 2. संगति करना: नगर की अन्य कलीसियाओं के विश्वासियों के साथ एकता स्थापित कीजिए। एक-दूसरे के आधीन होकर उनके लिए प्रार्थना कीजिए। बाइबिल में ‘‘एक-दूसरे’’ का उल्लेख 44 बार आया है। (इफिसियों 4:3-6; 5:21; याकूब 5:16) 3. एक साथ भोजन करना: प्रभु ने अपने शिष्यों को अंतिम भोज में मेमने का मांस, कडुवा साग एवं रोटी खिलाया तथा दाखरस पिलाया। उनके अनुयायी जब भी मिलते थे तो एक साथ भोजन अवश्य करते थे। (प्रेरितों के काम 2:46; 1 कुरिन्थियों 11:20) 4. मध्यस्थता: रणनीति बनाकर, एक जु...